मौसमी सब्जियों के दाम हुए दोगुने

 


मौसमी सब्जियों के दाम हुए दोगुने



सब्जियों के आसमान छूते दामों ने रसोई का जायका बिगाड़ रखा है। जहां हर बार सर्दियों में सब्जियों के दाम कम होते हैं, वहीं इस बार लगातार सब्जियों के भावों में तेजी बरकरार है। सीजन की सब्जियां भी पिछले वर्ष से दोगुने दामों पर बिक रही है। सब्जियों के भाव में तेजी के दो कारण सामने आए हैं। पहला तो किसानों को पिछले वर्ष सब्जियों में अधिक नुकसान हो गया था, जिस कारण बहुत कम किसानों ने सब्जियां उगाई। दूसरा इस साल नवंबर-दिसंबर में अधिक बारिश हुई जिस कारण बहुत सी सब्जियां खराब हो गई। मोरखेड़ी गांव के किसान अनिल ने बताया कि जिस गांव में बीस एकड़ गाजर उगाई गई थी, उस गांव में बारिश के कारण आधी से ज्यादा सब्जियां खराब हो गई। वहीं सब्जी विक्रेता प्रमोद ने कहा कि पिछली बार किसानों को इतना नुकसान हो गया था कि खड़ी फसल को जोत दिया था, जिस कारण भी इस सीजन में किसानों ने कम सब्जियां उगाई। किसानों ने भी इस बात को माना है। सीजन सब्जियों के साथ-साथ गैर सीजन सब्जियों पर भी पिछले दिनों हुई बारिश का असर पड़ा है।


 

वहीं, मंडी में नासिक के प्याज की आवक बढ़ने से आढ़तियों के पास से 35 से 40 रुपये किलो तक प्याज मिल रहा है। मंडी में फड़ीवालों के पास भी प्याज 50 रुपये प्रतिकिलो बेचा जा रहा है। कुछ दिन पहले प्याज के भाग 140 रुपये किलो तक पहुंच गए थे। आने वाले दिनों में प्याज के दाम और घटने की संभावना है।
सब्जियों के दाम
सब्जी आढ़तियों के पास फड़ी वालों के पास सेक्टर की दुकानों में भाव पिछले साल के औसत भाव
गोभी 12 से 15 20 25-30 10 से 15
मटर 30 से 32 40 50 से 60 15 से 20
खीरा 17-18 25 से 30 35 से 40 20 से 25
घीया 15-20 25 से 35 30 से 35 25 से 30
शिमला मिर्च 30 से 35 40 से 50 50 से 55 30 से 35
मूली 10 से 12 15 से 20 15 से 20 10 से 15
गाजर 18 से 20 25 से 30 30 से 40 10 से 15
मेथी 22 से 25 25 से 30 30 से 40 20 से 25
पालक 18 से 20 25 से 30 30 से 40 10 से 15
आल का प्याज 15 से 25 30 से 35 35 से 40 15 से 20
टमाटर 10 से 15 20 से 30 30 से 35 10 से 15
आलू 18 से 20 25 से 30 25 से 30 10 से 15
बैंगन 30 से 33 35 से 40 40 से 45 25 से 30
करेला 45 से 55 60 तक 60 से 65 50 से 55
चकुंदर 20 से 22 25 से 30 30 से 40 20 से 40
भिंडी 55 से 60 70 से 75 80 तक 50 से 55
खुंभी 100 से 250 रुपये किलो ग्राम तक बिक रही है। उपरोक्त सभी भाव रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से है।
नासिक का प्याज आने से 10 दिनों से घटते दामों से राहत
रोहतक। मंडी में नासिक के प्याज की आवक बढ़ने से आढ़तियों के पास से 35 से 40 रुपये किलो तक प्याज मिल रहा है। वहीं मंडी में फड़ीवालों के पास भी प्याज 50 रुपये प्रतिकिलो बेचा जा रहा है। कुछ दिन पहले प्याज के भाग 140 रुपये किलो तक पहुंच गए थे। आने वाले दिनों में प्याज के दाम और घटने की संभावना है।
सरकार की नीतियों से बढ़े दाम
सब्जी विक्रेता धर्मबीर ने कहा कि वह गैर सीजन सब्जियां बेचता है, जो अन्य राज्यों से आती हैं। सब्जियों के लगातार बढ़ते दामों का कारण सरकार की नीतियां है। सरकार ने हर चीज पर टैक्स बढ़ा दिया है। इंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिस कारण ट्रांसपोर्ट महंगा हो रहा है और गैस सीजन सब्जियों के लगातार दाम बढ़ रहे हैं।
किसानों को हुआ था नुकसान तो नहीं उगाई सब्जियां
सब्जी विक्रेता प्रमोद ने सीजन की सब्जियों के दाम बढ़ने का कारण किसानों को पिछले वर्ष हुए नुकसान को बताया है। किसानों को नुकसान हुआ था और उन्होंने सब्जियों के खेत को सब्जियों समेत ही जोत दिया था। दूसरा कारण इस सीजन में हुई बारिश के कारण उपज कम होना भी है।
अभी तक प्याज के दाम ही आसमान छू रहे थे लेकिन अब तो आलू और मटर जैसी सब्जियों के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में ग्राहकों ने भी आना कम कर दिया है। लोग आते हैं और दाम पूछ कर आगे बढ़ जाते हैं।
- लीलावती, गृहिणी
सभी सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। किचन से हरी सब्जी के अलावा आलू, प्याज व मटर आदि के दाम काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में रसोई का बजट भी गड़बड़ा गया है। समझ में नहीं आता कि ऐसे में कैसे और क्या खाया जाए।
- शिल्पा सहरावत, गृहिणी
सब्जियों के दाम बहुत बढ़ गये हैं। ऐसे में साधारण परिवार के लोग सब्जी कम ही खरीद पा रहे हैं। जहां पहले तीन से चार तक सब्जियां बनाते थे। अब एक ही सब्जी से काम चलाना पड़ता है।
- सोनिया सिंह, गृहिणी
बाजार में प्याज, लहसुन के साथ मटर, गोभी और नए आलू का भाव भी आसमान पर है। सब्जी हम सबकी रोज की जरुरत है, इसलिए लोग महंगी सब्जियां भी खरीदने को विवश हैं। कुछ समय पहले तक जहां 100 रुपये में थैला भरकर सब्जी असासानी से मिल जाती थी, उसके लिए अब दो से तीन गुना तक रुपये खर्च करना पड़ रहे हैं।